ब्रह्माकुमारीज भरतपुर द्वारा आयोजित ‘वर्तमान परिदृश्य में नारी की महति भूमिका’ सम्मेलन

Bharatpur

स्थानीय नगर सुधार न्यास ऑडीटोरियम में आज ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित ‘वर्तमान परिदृश्य में नारी की महति भूमिका’ सम्मेलन माननीय डा. सुभाष गर्ग, राज्यमंत्री, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा आयुर्वेद विभाग, राजस्थान सरकार के मुख्य आतिथ्य तथा राजयोगिनी ब्र0कु0 शीला बहन, प्रभारी उपजोन आगरा की अध्यक्षता में सम्मन्न हुआ। ब्रह्माकुमारीज के मुख्यालय आबू पर्वत से पधारी महिला प्रभाग की मुख्यालय संयोजिका राजयोगिनी ब्र0कु0 डा0 सविता बहन मुख्यवक्ता के रूप में उपस्थित थीं। इस सम्मेलन में सम्मानीय अतिथि के रूप में श्रीमती लता शर्मा, प्राचार्या, राजकीय रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय भरतपुर तथा अतिथि विशेष के रूप में श्री शिवसिंह भोंट महापौर भरतपुर तथा श्रीमती रजनी अग्रवाल उद्योगपति भरतपुर उपस्थित थीं। महापौर शिवसिंह भोंट सभी भरतपुर निवासियों के प्रतिनिध के रूप में उपस्थित थे।

 

सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए माननीय डा. सुभाष गर्ग, राज्यमंत्री, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा आयुर्वेद विभाग, राजस्थान सरकार ने कहा कि सामयायिक विषय पर आयोजित यह सम्मेलन अत्यधिक प्रशंसनीय हैं। चुनौतियों का मुकाबला करने के लिये राजयोग की महति भूमिका है। मंत्री बनने बाद मैं अति व्यस्तता के कारण तनाव का अनुभव करता हूँ। बदलते हुए परिवेश में राजयोग का अभ्यास जरूरी है। यदि पुरूष परिवार की धूरी है तो महिला मुख्य धुरी है।

 

अपना मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए डा0 सविता बहन ने कहा कि 21वीं सदी के परिदृश्य में नारी के दो स्वरूप सामने आते हैं पहला, वह सभी क्षेत्रों में क्रियाशील है, उच्च पदों पर है, सेना और पुलिस में भी अपनी भूमिका अदा कर रही है, दूसरी ओर पुरूष प्रधान समाज में आज भी भू्रणहत्या, दहेज तथा अन्य कुरीतियों का शिकार है। श्रेष्ठ संस्कार देने के लिये महिला को स्वयं में श्रेष्ठ संस्कार धारण करने होगें।

 

श्रीमती लता शर्मा प्राचार्या राजकीय रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय द्वारा आयोजकों को इस आयोजन के लिये बधाईयां दीं। महिला सशक्तिकरण को रेखांकित करने के लिये आयोजित इस सम्मेलन को बहुत महत्वपूर्ण बताया।

 

प्रमुख महिला उद्योगपति श्रीमती रजनी अग्रवाल, श्री हरी इण्डस्ट्रीज (ऑयल मिल) भरतपुर ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में सहज बने रहने की क्षमता, संवेदनशीलता, नारी में होना आवश्यक है। विश्व को विनाश की ओर अग्रसर होने से रोकने में नारी सक्षम है। ब्रह्माकुमारीज ने ये साबित कर दिया है।

 

ब्र.कु. कविता बहन द्वारा सभी का शब्द सुमनों द्वारा स्वागत किया गया तथा सम्मेलन के विषय पर प्रकाश डाला।

 

सम्मेलन का शुभारम्भ ब्र0कु0 कनक बहन द्वारा प्रस्तुत ईश्वरी स्मृति के गीत ……    ‘प्रभू चिन्तन करो प्रभू प्यारो’ .के साथ हुआ। तत्पश्चात् सभी के द्वारा पुलवामा के शहीदों के प्रति मौन श्रृंद्धाजलि अर्पित की. अतिथियों द्वारा एवं लगभग 35 महिला शिक्षण एवं समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करते हुए सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। ब्र0कु0 संतोष बहन द्वारा संस्था का परिचय प्रस्तुत किया गया। ब्र0कु0 हीरा बहन द्वारा सभी को राजयोग का अभ्यास किया गया।

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