नीमच,मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन

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परिस्थितियों को सुलझाने के लिए हमारा दृष्टिकोण सकारात्मक हो– चक्रधारी दीदी – नीमच,मध्य प्रदेश

सदा खुश रहो.. मुस्कुराते रहो.. कार्यक्रम में जिले के 400 से अधिक प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया

नीमच : दि. 14.4.17 “एक व्यक्ति जब थका हारा शाम को घर लौटता है तो घर में पत्नि को नहीं पाता, जब उसकी चाय पीने की इच्छा होती है तो फ्रीज में दूध भी नहीं मिलता उसकी पत्नि जब लौटती है तो बहुत अधिक आक्रोशित होकर पत्नि पर हाथ उठा देता है और उनके सम्बन्ध कई महिनों तक तनावग्रस्त रहते हैं, वहीं दूसरी और एैसी ही परिस्थिति में एक अन्य व्यक्ति अपना सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर सोचता है कि जरूर कोई आवश्यक कार्य पढ़ा होगा तभी आज मेरी पत्नि को जाना पड़ा, यही सोचकर वह खुद दूध ले आता है और चाय बनाकर पी लेता है और थोड़ा दूध बचाकर पत्नि के लिए भी रख देता है और पत्नि के लौटने पर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता । परिस्थिति दोनों के लिए एक जैसी थी लेकिन व्यक्ति का दृष्टिकोण ही परिस्थिति को उलझाता या सुलझाता है । ” उपरोक्त बात बताते हुए विश्व विदूषि राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चक्रधारी दीदीजी ने समझाया कि आध्यात्मिक जीवन शैली और राजयोग मेडिटेशन अपनाने वाले व्यक्ति का सोच हमेशा ही सकारात्मक बनता चला जाता है जिससे वह स्वयं एवं अपने घर परिवार तथा कार्यस्थल को भी तनावमुक्त खुशहाल रख सकता है ।
ब्रह्माकुमारी संस्थान के ज्ञान मार्ग स्थित विशाल सद्भावना सभागार में नगर के आमंत्रित विशिष्ट लोगों के लिए “सदा खुश रहो.. मुस्कुराते रहो..’ कार्यक्रम का आयोजन बहुत अधिक सफलता के साथ सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम में विभिन्न वर्गा के जिनमें राजनेता, उच्च प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारी, उद्योगपति, चिकित्सक, इंजिनियर्स आदि के अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थानों व क्लबों के पदाधिकारी सम्मिलित हुए । कार्यक्रम की शुरूआत में विधायक दिलीप सिंह परिहार, आई.एम.ए. के अध्यक्ष डॉ. अशोक जैन, उद्योग पति डी.एस.चौरड़िया, वनमंडलाधिकारी एस.के. गुप्ता, इंजि.बी.एल.गौर, वरिष्ठ चिकित्सक एच.एन. गुप्ता, संतोष चौपड़ा, सिंधी समाज के अध्यक्ष मनोहर अर्जनानी, डॉ. बी.एल.बोरिवाल, माणकचन्द बिरला , वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश मानव, बिलावरचंद्र अग्रवाल आदि के साथ ही राजयोगिनी बी.के.चक्रधारी दीदी एवं डॉ. बी.के.सविता दीदी ने सामुहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित किये ततपश्चात ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका बी.के.सविता बहन ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया एवं श्रीमती वन्दना सोनी तथा नन्ही बालिका कु.सान्वी ने बहुत सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया । मंचासीन ब्रह्माकुमारी दीदीयों का स्वागत विधायक दिलीपसिंह परिहार, डॉ. अशोक जैन एवं डी.एस.चौरड़िया ने गुलदस्ते भेंट करके किया । इसके पश्चात तनावमुक्ति विशेषज्ञा तथा मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. बी.के.सविता बहन ने अपने उद्बोधन में बताया कि आज हर व्यक्ति के घर में आमतौर पर टी.वी. सेट, सोफा सेट, डायनिंग सेट, ज्वेलरी सेट आदि सबकुछ होते हुए भी व्यक्ति अपसेट है क्योंकि साधनों की वृद्धि तो हुई लेकिन व्यक्ति की साधना समाप्त होती चली गई और आज हर व्यक्ति इस कदर तनाव में है कि शायद बिना तनाव के वह जीवन ही असंभव मानने लगा है । आपने एक शेर पढ़ा कि– तनाव से हो गई है दोस्ती इस कदर, कि तनाव होता है तनाव के न होने पर.. 70 प्रतिशत से अधिक बिमारियां साइकोसोमेटिक होकर उनका मूल कारण तनाव ही है और तनाव का सरल सहज समाधान मेडिटेशन का नियमित अभ्यास है । मेडिटेशन हमें आत्मविश्वास तो देता ही है किन्तु खुशहाल जिन्दगी, व्यवहार शुद्धि और सकारात्मक सोच भी देता हैै । नई दिल्ली से पधारी स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं मेडिटेशन की एक्सपर्ट बी.के.लता दीदी ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि जैसे कैमरे के सामने और स्टेज पर व्यक्ति हमेशा अपने चेहरे और हर एक्टिंग पर पूरा ध्यान रखता है और अपना सबसे बेहतरीन अभिनय प्रस्तुत करता है ठीक इसी प्रकार से यदि हम सृष्टि रूपी नाटक में अपने को आत्मा रूपी एक्टर समझकर कर्म या व्यवहार करने से पहले यह ध्यान रखें कि इस अविनाशी नाटक की शूटिंग चल रही है तो मेरा हर कर्म श्रेष्ठ और सुखदायी होगा और जीवन में तनाव का कोई कारण ही उत्पन्न नहीं होगा । कार्यक्रम के मध्य में कार्यक्रम के संचालक ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने अपनी एक स्वरचित कविता – “दुनिया जिसे ढूंढ रही है.. हमने उसे पाया है.. अब ताल तलैया क्या देखें.. सागर को अपनाया है..’ प्रस्तुत की । जिसपर सैंकड़ों तालियों की गड़गड़ाहट से भरपूर प्रशंसा मिली और कार्यक्रम की शुरूआत में विधायक दिलीपसिंह परिहार ने अपने उद्बोधन में कहा कि तनावमुक्त और खुशहाल जीवन जीने के साथ मुस्कुराने की कला यदि सीखनी है तो इन श्वेत वस्त्रधारी पवित्र ब्रह्माकुमारी बहनों से सीखी जा सकती है, किन्तु व्यक्तिगत स्तर पर यदि हम चेहरे पर मुस्कुराहट रख सकें, दिमाग ठंडा रख सकें और किसी की बातें सुनने समझने का धैर्य हो तो अनेकानेक समस्याए अपने आप दूर हो जाती हैं । मैंने भी ब्रह्माकुमारी बहनों के सानिध्य में राजयोग मेडिटेशन सीखा है एवं माउण्ट आबू जाने का सौभाग्य भी मिला है और इन सब में मैंने गहरी सुख शांति और स्वर्ग सा आनन्द अनुभव किया है । कार्यक्रम के अन्त में सुप्रसिद्ध उद्योगपति डी.एस.चौरड़िया ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के निरन्तर सानिध्य का अपना खुशनुमा अनुभव भी सुनाया एवं सभी का आभार प्रदर्शन किया । कार्यक्रम के अन्त में सभी उपस्थित जनसमुदाय को पवित्र प्रसाद का पैकेट वितरित किया गया

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