वाशी नवी मुंबई में “समाज परिवर्तन में नारी की भूमिका” विषय पर स्नेह मिलन का आयोजन

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वाशी नवी मुंबई के आत्म चिंतन भवन में मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष में महिला स्नेह मिलन का कार्यक्रम आयोजन किया गया | जिनमे माउंट आबू से पधारी महिला प्रभाग की राष्ट्रिय संयोजीका आदरणीय राजयोगिनी डॉ.बी के सविता बहन, सेवा केंद्र संचालिका ब्र.कु शीला बहन, साइनाथ हिन्दी हायस्कूल व जूनियर कालेज की प्रिंसिपल बहन अंशु वर्मा, जिल्हा महिला संगठक बहन रंजना शिंत्रे, श्री कुलस्वामिनी क्रेडीर सोसाइटी संचालिका बहन शिल्पा मोरे, पूर्व नगर सेविका बहन संगिता सुनार श्रीराम ट्रांसपोर्ट फिनांस की मेनेजर बहन शारदा सानप, महिला मंडल अध्यक्ष बहन वनिता राजे तथा समाज की अनेक गणमान्य महिलाये उपस्थित थी|

सर्व प्रथम फूल व बेज से सभी मेहमानों का स्वागत किया गया | तथा कुमारी कृपा नृत्यु द्वारा सभी का स्वागत किया|

कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्वलन करके बिधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ | बी के शुभांगी बहन ने संस्था कि गतिविधियों से परिचीत कराया | राजयोगिनी सविता बहन ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा कि नारी समाज कि आधारशीला है |  नारी के आंतरिक  शक्ति के कई मिसाल दिये कि जब उनकी आंतरिक शक्ति और आतंरिक मनोबल तीव्र होता है, तब वह कठिन से कठिन कार्य आसानी से कर सकती हे | अगर मन कि शक्ति कमजोर हे तो वह छोटी सी बात में भी अपने और दुसरो के जीवन को हलचल में ले आती है | घर में माँ को अपने बच्चो के अन्दर समानता  के संस्कार डालने है | कोई भेद भाव नहीं करना है | नारी से आपस में व्यव्हार समानता का एवं सन्मानपूर्वक हो उसके लिए हरेक को अपने आपको परिवर्तन होने का संकल्प करना चहिये |

 

आदरणीय बहन अंशु वर्मा प्रधानाचार्य साइनाथ हिन्दी हाईस्कूल एवम जूनियर कालेज ने अपनी शुभ कामनाए देते हुए बताया कि ब्रह्माकुमारी अच्छा कार्य कर रही हे | जो अच्छे संस्कार सबमे भरने का कार्य कर रही हे | इस संस्था में ८२ वर्ष से सहज ही परिवारों को सुधारने का कार्य हो रहा हे | बहन रंजना शिंत्रे ने कहा की मेरा इस संस्था के साथ करीब २० सालो से  घनिष्ठ सम्बन्ध हे | मुझे कोई भी समस्या वा उलजन आती हे तो मै शिव परमात्मा को याद करती हूँ और मुझे समस्या का समाधान मिल जाता हे |

बहन शिल्पा मोरे ने कहन कि नारी, नारी को शक्ति देती है । और आगे भी बढाती है | बेटी को बेटो से कम न समझे, बेटी भी हमारा सहारा बन जाती है |

ब्र.कु शिला दीदी ने अपने वक्तव्य में संक्रांति पर्व के रहस्य पर प्रकाश डाला | संक्रांति पर्व संस्कारो के परिवर्तन का यादगार है | सतकर्मो के क्रांति का सूचक है | आज समाज को देखते हुए तमोप्रधान दुनिया को बदलने के लिए संस्कारो में सकारात्मक परिवर्तन लाना होगा | सतकर्मो के द्वारा दुनिया को बदलना होगा | और उन्होंने कहाँ स्वयं को गूढ़ जैसा मीठा बनाकर गुणवान बनाना होगा, परिवर्तन की शुरुवात पहले स्वयं से करनी है, इस प्रतिज्ञा से सबको प्रतिबद्ध कराया |

ब्र.कु मीरा ने सभी को राजयोग का अभ्यास कराया | कुमारी विदुला ने नारी महिमा का सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया |

मंच संचालन ब्र.कु. प्रीती बहन ने किया | अंत में सभी को ईश्वरीय सौगात एवं प्रसाद दिया गया |

कार्यक्रम में करीब ४०० महिलाये उपस्थित थी |